'माथे को चूमना'

प्रेम की सभी क्रियाओं से भिन्न है,

मानो प्रेमी द्वारा 

प्रेमिका के माथे को 

चूमना प्रेमिका के समस्त 

'दुःखों का निवारण'

होने योग्य जैसा है।

   ~संदीप रावत

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