चुप क्यों हो बाते करो।
अरे प्यार का महीना आया है,
सुना है हर गली से
प्यार कि धुन सुनाई दे रही है।
हर नुक्कड़ पर,
मोहल्ले में,
अरे वो छोड़ो,
स्कूल, कॉलेजों में,
अरे वो भी पुराना हुआ,
Instgram, फेसबुक, व्हाट्स एप हर जगह
बस गुलाबों, चॉकलेट, टेडी, जानू शोना
मोना की बाते सुनाई दे रही है।
उफ्फ वो मदहोश बातें बार बार
मेरे कानों में आकर
मुझे आई लव यू कहना चाह रही है।
ये मेरा वहम तो नहीं,
फिर क्यों बार बार
मुझे वो तीन वर्ड
उसकी चैट में लिखकर मिटा रहा हूं।
क्या वो भी मुझसे यही सुनना चाहती है।
अरे! ये जालिम दुनिया वालों की नियत ने,
सच्ची मोहब्बत के किस्से ही ख़तम कर दिए।
कहूं तो भला कैसे,
कहीं वह भी मुझे गलत ना समझ ले।
फायदा उठाना तो दूर,
मै तो ठीक से उसकी आंखों में देख भी नहीं पाया।
वहीं अक्सर आकर मेरे पास से मुस्कुरा कर निकल जाती थी।
वैसे कई बार मैने,
दोस्तों को ये बात बताई,
वो बोले बेटा तेरी बात तो पक्की है।
जा कह दे अपने दिल की बात,
लेकिन में बस यही सोच कर रह जाया करता था
कि कहीं कुछ उल्टा ना है जाए।
लेकिन इस बार इस मोहब्बत के महीने में,
मैने ठान लिया।
कहकर रहूंगा अपने दिल की बात!
अगले दिन सुबह मै भी निकला एक रोज(गुलाब) के साथ,
वो भी मुस्कुराते हुए,
आज रास्ते में ही मिल गई
जैसे बस मेरा ही इंतिजर हो उसे,
बातो की शुरुआत हुई,
खुद से ज्यादा हम आस पास के नज़ारे पर बात कर रहे थे।
शायद यही पहली प्यार कि मुलाक़ात। का किस्सा होता है
बात ना होते हुए भी बात होती है।
बेवजह मुस्कुराना,
चुपके से बस उनकी आंखो में देखना,
उनकी खामोशी से बाते करना,
यही तो प्यार है।
जिसको वो बिना कहे पहले ही समझ चुकी थी।
लेकिन इस इस्थिहर पर मुहर लगाने के लिए
इजहार तो करना ही था।
थोड़ा प्यार से मैने उसका हाथ पकड़ लिया।
वो थोड़ा चौक कर मेरी तरफ देख रही थी।
अगले ही पल में अपने दिल की बात बोल चुका था,
वो मुस्कुरा रही थी लेकिन धड़कन की आवाज इतनी तेज थी
कि दूर से ही उसको महसूस किया जा सकता था।
मै तभी समझ गया था उसका जवाब हां है।
लेकिन इजहार में हां का मज़ा ना हो तो इजहार नहीं लगता ना,
तो उसने मेरी आंखों में देखकर
नजरें झुका ली।
कुछ ना कहते हुए भी सब कुछ कह दिया,
और इस तरह प्यार के इस महीने में,
मेरी भी प्रेम कहानी शुरू हो गई।
~राहुल कुमार

Guru ji kya bawaal hai waise suna sa lgta hai❤️
जवाब देंहटाएंवाह गुरु 😍😍
जवाब देंहटाएंBahut sundar
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